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भोपाल में आयोजित मीडिया महोत्सव : सार्थक प्रयास


   संदीप कुलश्रेष्ठ
                 ‘भारत की सुरक्षा : मीडिया, विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका’ विषय पर केंन्द्रित मीडिया महोत्सव - 2018 का आयोजन भोपाल की मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् परिसर में गत 31 मार्च और 1 अप्रैल 2018 को हुआ। कुल दो दिवसीय इस आयोजन में 8 सत्रों में सारगर्भित विचार विमर्श किया गया। इस आयोजन में देश भर के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी, ब्लॉगर, लेखक और मीडिया छात्र शामिल हुए।
प्रथम दिवस चार सत्रों में हुआ विचार विमर्श- 
                             मीडिया महोत्सव के उद्घाटन सत्र के मुख्य  अतिथि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रचारक श्री इंन्द्रेश कुमार थे। आपने ‘भारत की सुरक्षा और मीडिया की जिम्मेदारी’ विषय पर अपना मुख्य वक्तव्य दिया। आपने कहा कि मीडिया का एक बडा धडा देशहित और राष्टी्रय एकता की कीमत समझता है और उसकी बात भी करता है। लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जो सैनिकां के खिलाफ लिखता है और नक्सलियों को लेकर नरम रवैया अपनाता है। 
                             मीडिया महोत्सव में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री प्रेम शुक्ला ने विशिष्ट व्याख्यान दिया। उद्द्याटन सत्र के सारस्वत अतिथि आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री एस. के. राउत, भोज मुक्त विश्वविद्यालय के प्रो. रविन्द्र कान्हेरे और मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के  महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा थे। जनसत्ता के संपादक श्री मुकेश भारद्धाज ने विषय पर अपने सारगर्भित बात रखी। वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रकाश हिन्दुस्तानी ने सफल मंच संचालन किया।         
                             मीडिया महोत्सव का प्रथम विमर्श सत्र ‘भारत की सुरक्षा - मीडिया, विज्ञान और साइबर तकनीक की भूमिका’  विषय पर केंन्द्रित था। इस सत्र की अध्यक्षता निस्केयर के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पटैरिया ने की। कर्मवीर के  प्रधान संपादक डॉ. राकेश पाठक ने भारत की सुरक्षा में साइबर तकनीक के संबंध मे मीडिया की जिम्मेदारी पर अपना वक्तव्य दिया। मप्र के पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि शुक्ला ने बीज वक्तव्य दिया। भाजपा के राष्टी्रय प्रवक्ता श्री प्रेम शुक्ल ने विशेषज्ञ वक्तव्य दिया। वरिष्ठ पत्रकार श्री अनुराग पुनेठा ने पूरे सत्र को अपने कुशल संचालन से सत्र को बांधे रखा। 
                             ‘भारत की सुरक्षा : मीडिया/ पत्रकारिता की भूमिका एवं रणनीति’ द्वितीय विमर्श का मुख्य विषय था। इस सत्र की अध्यक्षता श्री विजयदत्त  श्रीधर ने की।   मप्र शासन के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने अपना सारगर्भित बीज वक्तव्य दिया। जनसत्ता के  संपादक श्री मुकेश भारद्वाज ने मीडिया की सुरक्षा पर प्रश्न उठाया। पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर ने मंच का संचालन करते हुए सभी वक्ताओं से सारगर्भित विचार रखने का अनुरोध किया। 
दूसरे दिन के आयोजन-
                              ‘मीडिया महोत्सव के दूसरे दिन के तृतीय विमर्श सत्र का विषय ‘जातीय, मज़हबी संघर्ष और राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियाँ’ पर था । प्रदेश की महिला एंव बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने समारोह की अध्यक्षता की । प्रसिद्ध सामाजिक और राजनैतिक विश्लेषक श्री शंकर शरण ने विषय का परिचय दिया। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति श्री जगदीश उपासने बीज वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि हम हमारे मूल को नहीं जानते। इसीलिये जातिगत भेद भाव और संघर्ष होते है। हिन्दू जागृति समिति के मार्गदर्शक डॉ. चारूदत्त पिगंले ने विशेषज्ञ वक्तव्य दिया। वरिष्ठ पत्रकार श्री उदय माहुरकर ने राष्ट्रीय सुरक्षा में मीडिया कि महती भूमिका प्रतिपादित की । मप्र राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने आह्यान किया की आज जातीय, मजहबी संघर्ष प्रायोजित होते है, जिसे हमें पहचानने की जरूरत है। दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रध्यापक  श्री  स्वदेश सिहं ने कार्यक्रम का संचालन किया। 
                              दूसरे दिन का चतुर्थ विमर्श ‘राष्ट्रीय सुरक्षा की राजनीति : दलों की दृष्टि और मीडिया का रवैया’ विषय पर केंद्रित था। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने  इस अवसर पर कहा की पत्रकारों के हित में सुरक्षा का कानून बनाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जायेगी। सत्र की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के  संयोजक श्री गोंविदाचार्य ने कहा कि भारत सिर्फ एक भूखंड नहीं है बल्कि यह एक सभ्यता है । एक सस्ंकृति है तथा एक प्राचीन राष्ट्र है। सुबह सवेरे के संपादक श्री गिरीश उपाध्याय ने विषय का परिचय दिया। लोकमत समाचार के स्थानीय संपादक श्री शिव अनुराग पटैरिया ने विशेषज्ञ वक्तव्य दिया। वरिष्ठ पत्रकार श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए मुख्यमंत्री से पत्रकारों की सुरक्षा के दिशा में आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया।
                               दूसरे दिन का पंचम विमर्श सत्र ‘महिला और बच्चों की सुरक्षा : मीडिया की भूमिका’ विषय पर केन्द्रित था। इस विषय पर विशेषज्ञों द्वारा सारगर्भित वक्तव्य दिये गये। दूसरे दिन का षष्टम् सत्र मुक्त विमर्श और चौपाल सत्र था। इसका विषय ‘कैसा हो चौपालियों का अगला मीडिया महोत्सव’ था। इस सत्र कि अध्यक्षता श्री जगदीश उपासने द्वारा की गई । वरिष्ठ पत्रकारों श्री गिरीश उपाध्याय, श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी आदि  ने इस अवसर पर अपने- अपने विचार व्यक्त किये। विषय का परिचय मीडिया महोत्सव के समन्वयक डॉ. अनिल सौमित्र ने दिया। इस सत्र का सचांलन वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश चतुर्वेदी ने किया। 
                             दो दिन के इस मीडिया महोत्सव के पूर्णाहुति सत्र का विषय ‘सकारात्मक, सामाजिक और मानवीय मीडिया से होगा सुरक्षित भारत’ था। इस समापन समारोह के मुख्य अतिथि मप्र की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आंनदी बेन पटेल थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि भारत की सुरक्षा में जितनी जिम्मेदारी विभिन्न  एजेसियों एवं सरकार की है, उतनी ही जिम्मेदारी मीडिया की भी है। आज भारत के लिये साइबर हमला भी एक बडी चुनौती है। इससे निमटने के लिये सभी को तैयार रहना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता करते हुए श्री इंद्रेश कुमार ने वहाँ उपस्थित लोगों से ‘आओं मिलकर बनाये नया भारत’ का संकल्प दिलाया। समारोह मे इससे संबधित 11 संकल्प भी पारित किये गये तथा सभी से इन सकल्पों को पूरा करने का अनुरोध किया गया । समारोह के सारस्वत अतिथि श्री जगदीश उपासने, डा.ॅ मनोज पटैरिया और प्रो. रविन्द कान्हेरे थे। इस समापन सत्र का संचालन डॉ. ऋतु दुबे तिवारी ने किया तथा अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री एस. के. राउत ने सबका आभार माना। 
11 सूत्रीय संकल्प : आओ मिलकर बनायें नया भारत-
1. स्वच्छ भारत के लिये मैं कहीं भी गंदगी नहीं करूंगा/ करूंगी। 
2. जातियों में प्यार और सम्मान बढ़ायेंगे। व्यक्तियों में सद्धाव जगायेंगे। बांटना, भड़काना, धर्मान्तरण, धर्मान्धता नहीं  मानेंगे। भारत जोडो अभियान चलाएंगे।
3. रोजमर्रा में हिंदुस्तानी माल अपनाएंगे। चीनी माल रोजमर्रा से हटायेंगे। करोड़ों भारतीयों को रोजगार उपलब्ध कराऐंगे। 
4. पाकिस्तानी अत्याचार से बालोद, सिंधी, पख्तून, मुहाजिर, गुलाम कश्मीरी, गिलगित - बाल्टिस्तानी को न्याय दिलायेंगे।
5. पिछले सैकड़ों, हजारों वर्षों में जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ भारत की स्वतंत्रता, स्वावलंबन, स्वाभिमान हेतु बलिदान दिया, उनके स्मरण में प्रतिदिन घर में, दुकान में अथवा पूजा स्थल में एक दीप जलाकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। देश प्रेम की अलख जगायेंगे।
6. राम जन्म स्थान अयोध्या का सत्य सामने लाएंगे।
7. बेटी बोझ नहीं सौभाग्य है। उसको शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा, भागीदारी दिलवाएंगे।
8. गरीब, गांव, किसान, मजदूर, छोटा रोजगार इसके प्रति हिंसा मिटाएंगे। सम्मान दिलाएंगे। शोषण मुक्त हिंदुस्तान बनाएंगे।
9. कोई भी मुस्लिम बस्ती अब मिनी पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान कहलाएगी।
10. हिंसा, आतकंवाद, नक्सल नहीं , शांति और विश्वास लाएंगे।
11. पाँच चौपाल महोत्सव सम्मेलन फरवरी 2019 तक करवाएंगे।
मीडिया महोत्सव : सराहनीय  और सार्थक​ प्रयास- 
                                इस तरह के आयोजन, इसके आयोजकों और इसके स्वरूप के संबध में मत विभिन्नता हो सकती है। यह स्वभाविक भी है। यह सही है कि इस आयोजन में विचार धारा विशेष के लोगों की बहुतादात थी। इसके बावजूद अन्य विचारधारा के लोगों की  भी उपस्थिति बहुत  थी । और यही इसकी सार्थकता भी थी । आयोजन निसन्देह सार्धक और सराहनीय कहा जा सकता है। दो दिवसीय इस मीडिया महोत्सव में आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री एस. के. राउत और समन्वयक डॉ. अनिल सौमित्र ने आपसी समन्वय से आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मीडिया महोत्सव सबसे पहले 2012 में भोपाल में आयोजित हुआ था। इसके बाद यह आयोजन दिल्ली, हरिद्धार , चित्रकूट, ग्वालियर और हाल ही में भोपाल में आयोजित किया गया है। इस मीडिया महोत्सव में यह भी निर्णय लिया गया कि अगला आयोजन सन 2019 में राजधानी भोपाल में ही आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में देश भर के लगभग 300 से ज्यादा मीडियाकर्मी ब्लॉगर, लेखक और बुद्धिजीवियां ने अपने- अपने निर्भीक विचार रखें। 
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